aaj ka sawal hindi

आज का सवाल नंबर- २६६९

कया जुम्आ की नमाज़ गुरुद्वारा,पार्क, सडक और मैदान में कुछ बिछाए बगैर पढ़ सकते है?

🔵जवाब🔵

حامدا و مصلیا مسلما

इस उम्मत के लिए ज़मीन को पाक क़रार दिया गया है । इसलिए सड़क ,पार्क वगैरह की जगह पर जब तक नापाकी का असर यानी उस की बदबू या रंग दिखाई न दे तो बगैर कुछ बिछाए भी नमाज़ अदा हो जाएगी। अगर वहां नापाकी कभी होती भी तो ज़मीन और सड़क सुख जाने से पाक हो जाती है।
गुरूद्वारे या किसी नॉन मुस्लिम की मज़हबी जगह पर हो तो वहां सामने जानदार की तस्वीर या मूर्ति या क़ब्र नहीं होनी चाहिए क्यों उस में मूर्ति और क़ब्र इबादत का शक होता है। अगर हो तो तस्वीर या मूर्ति पर कपडा डाल दिया जाये और सामने क़ब्र हो उस के आगे कुर्सी वगैरह एक फुट की कोई चीज़ आड़ कर दी जाये पीठ के पीछे या दाएं बाएं क़ब्र हो तो कोई हरज नहि। वहां के ज़िम्मेदारों की इजाज़त हो तो जुम्आ की नमाज़ इमाम के साथ ४ बालिग़ मुसलमान मर्द या उस से ज़ाईद लोग हो और वहां और मुसलमानों को आने की इजाज़त हो दरवाज़ा खुला हो बिला उज़्र बंध न हो तो जुम्आ सवाल में पूछि गई तमाम जगहो पर सहीह है ख़ुत्बा देना भी वाजिब है ख़ुत्बा न आता हो तो पहले ख़ुत्बे अल्हम्दु शरीफ और दूसरे में अत्तहिय्यात पढ़ ली जाये तो भी ख़ुत्बा अदा हो जाएगा।

📗मारिफूल फलाह – १९७

📕 दुर्रे मुख़्तार  – ३/२४ , २५

و الله اعلم بالصواب

नॉट:- जुम्आ  की नमाज़  गुरुद्वारा, पार्क और सड़क पर सहीह न होने का मेसेज ड़ो शरीलक अहमद खान का जो चल रहा है वह सहीह नहीं है।
✍🏻मुफ़्ती इमरान इस्माइल मेमन
🕌उस्ताज़े दारुल उलूम रामपुरा, सूरत, गुजरात, इंडिया.