aaj ka sawal hindi

हालाते हैज़ में या वेसे ही बीवी से आगे के बजाये पीछे के रास्ते से सुहबत की,

तो कया इस से निकाह टूट जाता है?

अगर ऐसा कर लिया तो इस की तलाफ़ी की क्या सुरत है?

जवाब

حامدا و مصلیا و مسلما

इस गैर इंसानी हरकत से निकाह नहीं टूटेगा, अगरचे ये इन्तिहाई बुरा और सख्त तरीन कबीरा गुनाह है इस से सचचे दिल से तौबा और इस्तिगफार करना ज़रूरी है, और तौबा की निय्यत से कुछ सदक़ह भी कर दे।

किताबुननवाज़िल ८/५५५

و الله اعلم بالصواب

इस्लामी तारीख़

१४ रबी उल आखर १४४० हिजरी

मुफ़्ती इमरान इस्माइल मेमन

उस्ताज़े दारुल उलूम रामपुरा, सूरत, गुजरात, इंडिया.

१.
एक शख्स बीवी से लवातात करता है (याने पीछे के रास्ते से ख़्वाहिश पूरी करता है) इसका यह करना कैसा है ?
अगर ऐसा हो गया तो इसकी तलाफ़ी की क्या सूरत है ?
अगर मर्द के साथ करे तो इसकी तलाफ़ी की क्या सूरत है ?

२.
हालात ए हैज़ में कभी अपनी ख्वाहिश से बीवी से लवातात करता है, कभी हाथ से फायदा उठता5 है, मनी खारिज करवाता है, कभी बीवी के जिस्म पर रगड कर ख़्वाहिश पूरी करता है, इनका करना कैसा है ?
अगर ऐसा हो गया तो इसकी तलाफ़ी की क्या सूरत है ?

जवाब:  حامد و مصلیا و مسلما

१. २.
लवातात किसी भी हालात में जाइज़ नही, ख़्वाह बीवी पाक हो या हालात ए हैज़ में हो, अगर ऐसा गलत काम हो जाए तो सचचे दिल से तौबह व इस्तिगफार लाज़िम है, और बेहतर है के तौबह की निय्यत से कुछ सदक़ह भी कर दे.

और ख़्वाहिश का तक़ाज़ह कुछ इस क़दर हो के गुनाह में मुब्तलाह होने का अन्देशा हो, और बीवी न-पाकि में हो, औरत की नाफ से लेकर घुटने के अलावह जिस्म के हिस्साः मसलन हाथ वगैरह से लज़्ज़त पूरी करने की गुंजाईश है, और रान वगैरह से बिना कुछ हाइल फायदा उठाना जाइज़ नहीं।

शामी ९/४८७
و الله اعلم بالصواب

इस्लामी तारीख़ २४ मुहर्रमुल हराम १४४० हिजरी

मुफ़्ती इमरान इस्माइल मेमन
उस्ताज़े दारुल उलूम रामपुरा, सूरत, गुजरात, इंडिया.

⭕आज का सवाल नंबर २६१६⭕

हालाते हैज़ में या वेसे ही बीवी से आगे के बजाये पीछे के रास्ते से सुहबत की,
तो कया इस से निकाह टूट जाता है?
अगर ऐसा कर लिया तो इस की तलाफ़ी की क्या सुरत है?

🔵जवाब🔵

حامدا و مصلیا و مسلما

इस गैर इंसानी हरकत से निकाह नहीं टूटेगा, अगरचे ये इन्तिहाई बुरा और सख्त तरीन कबीरा गुनाह है

इस से सचचे दिल से तौबा और इस्तिगफार करना ज़रूरी है, और तौबा की निय्यत से कुछ सदक़ह भी कर दे।

📗किताबुननवाज़िल ८/५५५

و الله اعلم بالصواب

 

⭕आज का सवाल नंबर २६२१⭕

वह कौन से मख़सूस अय्याम है जिन में शोहर बीवी से, मिया-बीवी के त’आलुक़ क़ाइम नहीं कर सकता ?

🔵जवाब🔵

حامدا و مصلیا مسلما

कुर’आन मजीद ने हैजो-निफ़ास की हालात में सोहबत से मना किया है।

فاعتزلو انسآء في المحيض ولا تقربوه‍ن حتى يطه‍رن،

इस लिए इस हालात में बीवी से त’आलुक़ पैदा करना हराम है। अगर जनाबत की हालत हो तो हराम नहीं।

इसी तरह अगर औरत की सेहत उसकी मुहतमिल-बर्दाश्त न कर सकती हो, ओर डॉक्टर ने सोहबत से मना किया हो, या मर्द किसी ऐसी खतरनाक बीमारी में मुब्तला हो जो सोहबत से मुत’आदी-ट्रांसफर होती हो, तो औरत को हमबिस्तरी के लिए मजबूर करना दुरुस्त नहीं।

क्यों की ये औरत को नुक़्सान पहुँचाना है, और ज़ाहिर है की उसकी इजाज़त नहीं।

(इस के अलावह कोई ऐसे खास दिन- पीर, बुध वगैरह दिन या कोई और वक़्त नहीं है जिस में शरीअत के ऐतिबार से सोहबत मना हो)

و الله اعلم بالصواب