aaj ka sawal hindi

कया हज फ़र्ज़ हो जाने के बाद उसी साल जाना ज़रूरी है ?
आइन्दह साल भी इत्मिनान से हज कर सकते है ?

जवाब
حامدا و مصلیا مسلما

शराइत पाये जाने के बाद पेहली फुरसत में हज की अदायगी वाजिब है।

अगर बिला उज़्र ताख़ीर-देर की तो गुनेहगार होगा, अगर ताख़ीर के बाद अदा कर लिया तो गुनाह साक़ित-दूर हो जाएगा।

बहरूर राईक २/३१०
बा हवाला किताबुल मसाइल ३/७६
و الله اعلم بالصواب

इस्लामी तारीख़
१९~शव्वाल उल मुकररम~१४४०~हिज़री

मुफ़्ती इमरान इस्माइल मेमन.
उस्ताज़े दारुल उलूम रामपुरा, सूरत, गुजरात, इंडिया.

मुफ़्ती साहब मेरी हज क़ुबूल हो गयी उसकी कोई अलामत है ? अगर है तो हवाले के साथ बताने की गुज़ारिश.

जवाब:   حامدا و مصلیا و مسلما

हज मक़बूल होने की अलामत‘: जी हाँ, आप की हज अल्लाह रब्बुल इज़्ज़त की बारगाह में मक़बूल हो गयी उसकी अलामत ये है के हज के बाद आमले सलेहा का एहतिमाम और पाबन्दी और आख़िरत की तरफ रगबत बढ़ जाए और पहली हालत से बेहतर हो जाये.

{मर्द दाढ़ी न हो तो दाढ़ी रख ले, तखनो के ऊपर पायजामा न पहनता हो तो पहनना शुरू करे, और औरत पर्दा न करती हो तो पर्दा करना शुरू करे और दोनों शरई लिबास का एहतिमाम करे}.

हज मक़बूल होने की अलामत“: इस लिए हज के बाद अपने आमाल और अख़लाक़ का ख़ास तोर से ख्याल रखना चाहिए और ताअत और इबादत में खूब कोशिश करनी चाहिए, गुनाह और बुरे अख़लाक़ से नफरत और परहेज़ करना चाहिए.

हज मक़बूल होने की अलामत

मुअल्लिमुल हुज्जाज सफा ३३७ से ३४१

ये बातें पैदा हो गयी इंशाअल्लाह आप का हज क़ुबूल है. अगर नहीं हुई तो पैदा करने की पूरी कोशिश करे और हज क़बूल होने की दुआ करता रहे.

आप हमें और पूरी उम्मत को अपनी दुआओ में याद फरमाएं.

و الله اعلم بالصواب

मुफ़्ती इमरान इस्माइल मेमन.

उस्ताज़े दारुल उलूम रामपुरा, सूरत, गुजरात, इंडिया.