१७३३ किसी को ज़कात का वकील बनाना

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१७३३ किसी को ज़कात का वकील बनाना

आज का सवाल नंबर १७३३

अ.
किसी को पेसे दिए बगैर यूँ कह सकते है के तू मेरी तरफ से ज़कात अदा कर दे, में बाद में तुझे पैसे दे दूंगा. इस से ज़कात अदा हो जाती है ?

ब.
एक शख्स किसी दूसरे को ज़कात की अदायगी का वकील बनाया तो उस शख्स ने मालिक की इजाज़त के बगैर दूसरे को बनाया तो ये जायज़ है?

जवाब

حامدا و مصلیا و مسلما


हाँ, पूछे हुवे तरीके से भी ज़कात अदा हो जाती है.

ब.
हाँ ये सूरत भी जाइज़ है.

किताबुल मसाइल २/२५६..

و الله اعلم بالصواب

इस्लामी तारीख़
१४~रमजानुल मुबारक~१४४०~हिज़री

मुफ़्ती इमरान इस्माइल मेमन.
उस्ताज़े दारुल उलूम रामपुरा, सूरत, गुजरात, इंडिया.

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