१८३३ हज़रत इसा अलैहिस्सलाम के ज़माने की बरकत

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हज़रत इसा अलैहिस्सलाम के ज़माने की बरकत

आज का सवाल नंबर १८३३

इसा अलैहिससलाम के ज़माने में कैसी खैरो बरक़त होगी ?

जवाब
حامدا و مصلیا مسلما

लोगों के दिलो में आपस की अदावत और कीना न रहेगा, और लोगों को माल की कुछ परवाह न रहेगी, यहाँ तक के एक सजदह करना दुन्या और उस की तमाम चीज़ों से अच्छा समझेंगे, अगर कोई किसी को माल देगा तो वह न लेगा
(मुस्लिम शरीफ़)

ये (और कल के मेसेज की चीज़ों की) खैरो बरक़त का ज़माना सात साल तक रहेगा।

नोट: मिर्ज़ा गुलाम अहमद कादयानी ने नबुव्वत के दावे साथ साथ अपने इसा होने का दावा भी किया था, और अभी शकील बिन हनीफ का भी अपने इसा होने का दावा है। तो उन के मानने वालों को हम कहेंगे सहीह रिवायात की ये खैरो बरक़त न मिर्ज़ा के ज़माने में नज़र आयी न शकील के ज़माने में नज़र आ रही है। लिहाज़ा दोनों अपने दावे में जुठे है

(उमदतुल फ़िक़ह १/४४)

و الله اعلم بالصواب

इस्लामी तारीख़
२४~ज़िल हिज्जह~१४४०~हिज़री

मुफ़्ती इमरान इस्माइल मेमन.
उस्ताज़े दारुल उलूम रामपुरा, सूरत, गुजरात, इंडिया.

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